मंगलवार, 28 जून 2011

आठवीं फेल बाबा औ र ये पढ़े लिखे. लोग ......

koi bhi artist chahe vo painter ho ,musician ho unse certificate ,education
nahi mangti.....unks work bolta hai.......
waise hi baba ramdev ne desh ke logo ko health ke prati jis terah se jagaya
hai vo manan karne ke yogya hai......
meine bhi bina kuch bhi anya prayas ke sirf one month mein unke surya pranam
vo bhi on line video dekh ker 2 kg.weight kam kiya......
aur itni janta ne unse kitna laabh uthaya hoga...........iski garna nahi ki
ja sakti ........
aur aaj unki education ko highlight kiya ja raha hai..........bahut galat
baat hai.......
logo ko kisi ko dekhne ka nazeriya badalna chahiye............
hame ye zera bhi nahi bhulna chaiye ki unhone ddesh ko kitna gyan diya
hai.....
health is wealth......ye kyo bhul jate hai........
ham wealth bhi tabhi use ker payenge jub health hogi.......

2011/6/27 Sudhir Gupta

> Dushyant mai tumhare baato se sahmat hun....
> ------------------------------
> *From:* Dr shyam gupt
> *To:* loktantra@googlegroups.com
> *Sent:* Sunday, 26 June 2011 12:46 PM
> *Subject:* Re: विप्लव विकल्प विकास Fwd: Fw: आठवीं फेल बाबा और ये पढ़े
> लिखे. लोग ......
>
> एक दम सही टिप्पणी ...बधाई ..
>
> 2011/6/25 Dr. Ernest Albert
>
> अच्छा है ये लेख , कई परतें खोलता हुआ ! देश के जगजगाते प्रजातंत्र को
> भी सलाम करता हुआ !
> ज्ञानी ज़ैल सिंह याद आते हैं , मुख्य मंत्री भी रहे और देश के राष्ट्रपति भी
> !
> इसके एकदम उलट जाते हुए आज देखें तो ये क्रिकटर धोनी , ईशान आदि तो अभी दो साल
> पहले प्लस टू
> से जूझ रहे थे !
> आज भी अपने काफी नेतागण शायद ही किसी कालेज की डिग्री रखते हों !
> बाबा रामदेव आठवीं पास हैं, स्कूल गये भी की नहीं
> बाबा राम मुरारी , वो श्री श्री रविशंकर अन्य कितने सारे बाबा लोग , ये सब
> कितना पढ़े लिखे ?
> या वो मुंबई के "डब्बा वाला" जो हर दिन लाखों खाने के डिब्बे लोगों की टेबल तक
> पहुंचा देते हैं , जिनको हारवर्ड विश्वविद्यालय ने नवाज़ा !
> या वो अप्पा राव जो आज तक 82000 मुर्दे बा-इज्ज़त ठिकाने लगा चुके हैं उनकी
> एजुकेशन क्या है !
> ये सचमुच कुछ समाज-सुधार तो कर ही रहे की नहीं !
> सत्य साईं बाबा के कई मामले सामने आ रहे पर क्या उन्होंने, उनकी संस्थाओं ने
> कुछ भी अच्छा नहीं किया ?
> लाखों जनता की सेवा-सुश्रा में ये सब लगे हुए!
> अब इनके बर-अक्स अपने नेता लोग ?
> मैं ये मान के चलता हूँ की सारे के सारे भ्रष्ट नहीं , पर देश किस रसातल में ?
> और क्यों ?
> हमारे बीज, हमारी खेती हमारे किसान विदेशी कंपनियों के चंगुल में ...इन नेताओं
> के रहते !
> हमारी शिक्षा पर विदेशी प्रभाव ,
> यहाँ ये बताना भी ज़रूरी की लोग, जनता भी बहुत संवेदनहीन हो चुकी , उस पर कोई
> बात का असर नहीं अब,
> वो अपनी ही गंगा को, अन्य नदियों को प्रदूषित करती जा रही
> पर्यावरण की समस्या को वो सरकारी मामला मान चुकी, खुद कुछ भी करने को तत्पर
> नहीं!
>
> संत, साधू , बाबा लोगों को पूरा हक है , उनकी (भी) जिम्मेवारी है की वो देश
> में फैले भ्रष्टाचार के विरोध में उठें
> और जो लोग कहते हैं की बाबा, साधू लोगों को ये नहीं करना चाहिए
> उसका सीधा सादा जवाब यही है कि "तो फिर जो वो आये दिन दशकों से स्कैम-घोटाले
> कर रहे, उन्हें भी ये नहीं करना चाहिए उनको ये काम करने के लिए नहीं चुना गया"
> !
>
> जिसने भी इस धरती पे जन्म लिया है, इसकी फसलें, इसका अन्न-जल ग्रहण किया है
> उसके पास हर अधिकार है कि वो अपनी आवाज़ भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाये !
> ये हम सबकी जिम्मेवारी, हमारा पवित्र दायित्व है !
>
> डॉ.अर्नेस्ट एल्बर्ट
>
>
>
> 2011/6/25 shrivikassaini
>
>
>
> ---------- Forwarded message ----------
> From: *vikas saini*
> Date: 2011/6/25
> Subject: Fw: आठवीं फेल बाबा और ये पढ़े लिखे. लोग ......
> To: vikas Gmail vikas Gmail
>
>
>
>
> --- On *Sat, 25/6/11, balraj ji * wrote:
>
>
> From: balraj ji
> Subject: Fw: आठवीं फेल बाबा और ये पढ़े लिखे. लोग ......
> To:
> Date: Saturday, 25 June, 2011, 4:36 PM
>
>
>
> --- *शनि, 25/6/11 को, balraj ji * ने लिखा:
>
>
> द्वारा: balraj ji
> विषय: Fw: आठवीं फेल बाबा और ये पढ़े लिखे. लोग ......
> To:
> दिनांक: शनिवार, 25 जून, 2011, 4:33 PM
>
>
>
> --- *शनि, 25/6/11 को, balraj ji * ने लिखा:
>
>
> द्वारा: balraj ji
> विषय: आठवीं फेल बाबा और ये पढ़े लिखे. लोग ......
> To:
> दिनांक: शनिवार, 25 जून, 2011, 9:52 AM
>
> आठवीं फेल बाबा और ये पढ़े लिखे. लोग ......
> इधर रामदेव और उनके आन्दोलन पे काफी कुछ लिखा जा रहा है ....एक बात पे सभी
> लेखक सहमत है ...फिर वो चाहे अंग्रेजी के हों या हिंदी के .....कि बाबा आठवीं
> फेल है ......8th drop out .....अब मैं आपको बता दूं कि बाबा ने स्कूल ( अगर आप
> उसे स्कूल मानें तो ) आठवीं में छोड़ दिया और गुरुकुल खानपुर चले गए .........
> फिर वहां 20 साल तक उन्होंने संस्कृत का व्याकरण , litrature और दर्शन
> शास्त्र ...philosophy पढ़ा .......संस्कृत की पढ़ाई अष्टाध्यायी से शुरू
> होती है और महाभाष्य पे ख़तम पे होती है .इसमें बेहद brilliant students भी
> कम से कम दस साल लगाते है ..वैसे महाभाष्य के लिए तो सुना है की 20 साल भी कम
> हैं .....और महाभाष्य पढ़े student के सामने ये PhD लोग बच्चे लगते हैं
> ......अब हमारे मीडिया के ये पढ़े लिखे ( BA ) भाई लोग अगर बाबा को आठवीं फेल
> लिखते हैं अगर ,तो

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