शनिवार, 11 जून 2011

भविष्य कथांश: मेरे आं��ों में क्यों आंसू?

10जून 2011 से काले धन व भ्रष्टाचार को लेकर अनशन पर बैठे बाबा की तबियत काफी बिगड़ गयी.चार जून की रात सपने मेँ मैने बाबा को अपने मिशन में शहीद होते देखा था.दस जून को शाम पूर्वमंत्री रामशरन वर्मा के रामलीला मैदान बीसलपुर(पीलीभीत)कार्यक्रम से वापस आने के बाद बहनोई ओपी गंगवार का मकान पर टीवी में बीमार बाबा को अस्पताल ले जाते हुए तश्वीरों को देखा तो मेरा मन प्रार्थना से भर गया.आज अभी जब ग्यारह जून को01.55PM पर मेरे मोबाइल में मैसेज आया कि चिकित्सा के बाबजूद उनका BP 40 से 80 बना हुआ है और कोई सुधार नहीं हैं तो मेरे आंखों में आंसू आ टपके.किसी व्यक्ति को अपने व देश से जोड़ते हुए ऐसे आंसूं दूसरी बार मेरी आंखों में थे.इससे पूर्व1984के 31अक्टूबर की शाम इन्दिरा की हत्या के समाचार पर.



बाबा की अभी देश को जरुरत है.

इसे पोस्ट करने के बाद मैं मेडिटेशन पर ......


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