बुधवार, 3 अक्तूबर 2012

सर्वशिक्षा अभियान का मतलब ये तो नहीँ ...........

सर्वशिक्षा अभियान का मतलब तब तक अधूरा है जब तक बालकोँ मेँ शिक्षा के प्रति रुचि पैदा नहीँ हो जाती व वे ज्ञान के प्यासे नहीँ हो जाते .

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From: akvashokbindu@gmail.com <akvashokbindu@gmail.com>
To: "go@blogger.blogspot.com" <go@blogger.blogspot.com>
Date: Wednesday, October 3, 2012 2:56:22 PM GMT+0000
Subject: सर्वशिक्षा अभियान का मतलब ये तो नहीँ ...........

सर्वशिक्षा अभियान के नाम से सरकारेँ करोड़ोँ रुपया खर्च कर रही है लेकिन इससे विद्यार्थियोँ मेँ गुणवत्ता कहां तक है.?कक्षा आठ तक प्रत्येक कक्षा मेँ विद्यार्थी उत्तीर्ण/प्रोत्तीर्ण होकर आगामी कक्षा मेँ आजाते हैँ,इसका एक मात्र कारण कक्षा आठ तक किसी भी छात्र को अनुत्तीर्ण न करना.इससे शिक्षा का स्तर गिर रहा है.मैँ लगभग सोलह साल से शिक्षा जगत से साक्षात्कार कर रहा हूँ .स्पष्टता यही है कि ईमानदारी से परीक्षा व कापी जांच प्रणाली मेँ बीस प्रतिशत से ज्यादा छात्र उत्तीर्ण होने की स्थिति मेँ नहीँ होते.प्राईमरी एजुकेशन का प्रमुख लक्ष्य है बालक मेँ ज्ञान के प्रति जिज्ञासु बनाना लेकिन बालक प्राईमरी से निकल जूनियर मेँ आ जाते हैँ लेकिन वे जिज्ञासु नहीँ हो पाते. शिक्षा जगत के सामने मेरी नजर मेँ सबसे बड़ी समस्या यही है कि जो प्यासा नहीँ है उसकी प्यास बुझाने का प्रयत्न किया जा रहा है व जो ज्ञान के लिए नहीँ धन दौलत के लिए जीना चाहते हैँ वे शिक्षक बन बैठे हैँ.सर्बशिक्षा अभियान का मतलब वैदिकता का विरोध है?सब को शिक्षा कैसे?सबका स्तर अलग अलग ऐसे मेँ एक स्तर व एक ढंग से सबको शिक्षित कैसे किया जा सकता है ?

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