गुरुवार, 21 अप्रैल 2011

मनमोहन सिंह अप ने को ����� ायें जनप् रिय! पर टिप्पणी.

अनुनाद सिंह ने पोस्ट " मनमोहन सिंह अपने को ब��ायें जनप्रिय! " पर एक टिप्पणी
छोड़ी है:

अबतक की म म सिंह की रिपोर्ट कार्ड-

१) वे इमाननादर हैं या नहीं, कहना मुश्किल है। किन्तु वे बेइमान और भ्रष्ट नेताओं से घिरे
हुए हैं और उनके संरक्षक हैं।

२) वे अर्थशास्त्र की बड़ी-बड़ी डिग्रियाँ लिये हुए हैं किन्तु वे अर्थशास्त्री नही हैं। भारत
की अर्थव्यवस्था की न उनको कोई समझ है न उस पर उनका कोई नियंत्रण।

३) वे न कभी लोकप्रिय थे न होंगे। उन्होने साबित किया है कि वे 'मनमोहन सिंह' नहीं
बल्कि 'म्याऊँ-म्याऊं सिंह' हैं

अनुनाद सिंह द्वारा दी गयी यह रिपोर्ट मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री बनने के बाद की रिपोर्ट है.हाँ यह सत्य है कि वे कभी जनप्रिय नहीं रहे हैं.यदि वे कठोर निर्णय ले कर काला धन विदेश से मंगवाने के कमर कस लें तो कुछ बात बन सकती है.

1 टिप्पणी:

arvind ने कहा…

seedhi or sateek baat