शनिवार, 16 अप्रैल 2011

'राष्ट्रद्रोह' की परि���ाषा अवश्य परिभाषित ह���!

सिर्फ जन लोकपाल विधेयक ही नहीं ,सुप्रबन्धन के लिए अनेक कठोर विधेयक चाहिए.'राष्ट्रद्रोह' की परिभाषा पर विधेयक लाना भी आवश्यक है,जिससे राष्ट्रद्रोह का व्यापक स्वरूप सामने आ सके.


क्या आतंकवादी ,नक्सली,आदि ही सिर्फ राष्ट्रद्रोह में शामिल किए जाने चाहिए?राष्ट्रीय संविधान,सम्पत्ति,प्रतिभा ,आदि द्रोहियों को राष्ट्रद्रोह में शामिल किया जाना चाहिए और कानून के रक्षक , जज व वकील यदि संविधान विरोधी कार्य करते हैं,तो उन पर राष्ट्र द्रोह का ही मुकदमा चलना चाहिए.खद्यमिलावट व नकली दवाईयों के कार्य में लगे व्यक्तियों पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए.फूलन देवी जब हथियार उठा ले तो उसे अपराधी घोषित कर दिया जाए लेकिन....?
जिन कारणों से फूलन देवी बने ऐसे कारणों को देशद्रोही घोषित किया जाए.
राजनेताओं को कानून विरोधी साबित होने पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाए.कुल मिला कर राष्ट्रिय संविधान के विपरीत कार्य में लगे व्यक्तियों को राष्ट्रद्रोह मे शामिल किया जाए.



कल उच्चतम न्यायालय ने मानवाधिकार कार्यकर्ता विनायक सेन को जमानत दे दी.उन्हें छत्तीसगढ़ की एक अदालत ने राष्ट्रद्रोह और नक्सलियों को राज्य के विरुद्ध लड़ाई के लिए नेटवर्क स्थापना में मदद करने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.






नक्सली अपने हिंसक रुप व विदेशियों की बुरी नियति से काम करने के कारण आलोचना के शिकार अवश्य हैं लेकिन यदि वे आम आदमी के हित में लड़ाई लड़ रहे हैं,तो क्या गलत है?जब कानून के रक्षक अपने जीवन में पच्चीस प्रतिशत तक कानून लागू न कर सबके लिए राजाबेटा बने रह सकते है तो आम आदमी की लड़ाई लड़ने वाले दोषी क्यों ?नक्सली निर्दोष हत्याओं के लिए दोषी अवश्य हैं लेकिन शेष मामले में वे दोषी क्यों?यदि वे दोषी है तो फिर गुरू गोविन्द सिंह ,शिवा जी ,भगत सिंह,चन्द्र शेखर आजाद ,आदि के चरित्र पर भी पुनर्विचार करने की आवश्यकता नहीं है क्या ? यदि दूसरे देश व दूसरी जाति से लड़ने वाले ही सम्माननीय हैं,तो हमें क्या गीता (कुरुशान)के श्रीकृष्ण सन्देशों के सम्मान पर क्या पुनर्विचार नहीं करना चाहिए ?हमने तो गीता (कुरुशान)से यही सीख ली है कि धर्म के रास्ते पर न कोई अपना या पराया नहीं होता.(गूगल में जा नक्सली कहानी या तन्हाई के कदम टाइप कर सर्च करें)
यदि नक्सली अहिंसक हो जाएं तो मैँ अपना जीवन नक्सलियों को समर्पित कर सकता हूँ.अभी नक्सलियों से मेरा यही कहना है कि अन्नाहजारे व बाबा रामदेव के समर्थन में एक दो वर्ष के लिए युद्ध विराम कर दें.







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