रविवार, 3 अप्रैल 2011

अन्ना हजारे : देश भक्त���ं आ जाओ एक साथ

क्रिकेट विश्व कप 2011 की जीत को सारा देश खुश है.विदेश में बसे भारतीय भी काफी खुश हैं . देश भक्ति क्या इतनी सस्ती हो गयी है या फिर क्रिकेट के माध्यम से सोयी देश भक्ति जाग रही है? हे प्रभु क्या यह देश भक्ति व खुशी दिशा पा कर अन्ना हजारे व रामदेव बाबा के अभियान की और नहीँ बढ़ सकती ? यह देश भक्ति क्या जन लोकपाल विधेयक के पक्ष में अन्ना हजारे के साथ उमड़ पड़े? या फिर मैं यह समझूं कि आज की यह देशभक्ति पराजित इण्डिया टीम की अर्थी तो निकाल सकती है ,खिलाड़ियों के घरों पर तोड़ फोड़ तो कर सकती है लेकिन देश को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक जुट करने वाले अन्ना हजारे व राम देव बाबा का समर्थन नहीं कर सकती तो ऐसी देशभक्ति पर मैं थूकता हूँ और .....तता हूँ.



भारत के इस विश्व विजय की खुशी न मनाओ ,मैं यह नहीं कहता .बस,अन्ना हजारे के आह्वान को सुनो.आज देश को अन्ना हजारे जैसा महान देश भक्त मिला है , जिसके रास्ते को हमें स्वीकार करना ही चाहिए.नहीँ तो इतिहास हमें कभी माफ नहीं करेगा.कैसे देश भक्त हो?काला धन के रुप में जमा विदेश मे धन वापस अपने देश मे क्यों न मांगाना चाहोगे?जरा गणित तो लगाओ,लगभग 300लाख करोड़ रुपये भारत आ जाए तो देश के गांव की तश्वीर क्या होगी?6लाख38हजार 365गांव चमक उठेगे.क्या तुम नहीं चाहते देश की तरक्की ?और ए अमिताभ बच्चन .....मुम्बई की सड़कों पर तिरंगा लेकर झूमते नजर आये.मैं आपका बचपन से ही फैन रहा हूँ.आपकी फिल्मों के माध्यम से बालीवुड भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने की हिम्मत जुटायी.आप से प्रार्थना है तिरंगा लेकर अन्ना हजारे के पास भी आ जाओ .अन्य से भी मेरी यह प्रार्थना है.अन्ना हजारे कहें तो मैं अपने शरीर का भी बलिदान करने को तैयार हूँ.आजादी की लड़ाई के बाद अब वक्त आया है फिर कुर्बानी का.गांधी ने भी कहा था कि देश आजाद तो हो गया लेकिन देश को संवारने के लिए भी शक्ति ,त्याग ,संयम, साहस व नैतिकता चाहिए.सिर्फ अपने लिए जीने वालों ने ही देश के गौरवशाली अतीत को रौंदा है.हम भूल जाते हैं कि हमारे फर्ज तीन तरह के होते हैं-अपने,अपने परिवार व समाज के प्रति.

जय हिन्द!


ओ3म - आमीन ! तत सत ओ3म - आमीन!

1 टिप्पणी:

आशुतोष ने कहा…

सुना था हिजड़ों के बारें में ..मगर वो भी अपना घर लुटाकर जश्न नहीं मानतें है..
मगर हम क्या कर रहें है..भारत लुट रहा है और हम जश्न में डूबे हैं जैसे चीन से अपनी हरी हुए जमीन जीत कर ला दिया हो..