सोमवार, 5 अक्तूबर 2015

अपने मालिक के निर्देशन पर चलते रहो!!!

अपने मालिक के निर्देशन पर बस चलते रहो📢📢
.
.
लोग आपके बारे में क्या कहते हैं ?इस बारे में ध्यान मत दीजिए.जरूरी नहीं आपका जो नजरिया है बह
उनका भी हो? यदि आपका नजरिया दर्शन व महापुरुषों के सन्देशों से मिलता है तो आपको चिंता करने की जरूरत नही है.क्यों न लोग आपको पागल सनकी ही क्यों न समझें? आपने स्तर के लोगों को अपने से जोड़ते रहें.आपका जो आदर करते हैं उनका आदर करते रहें. व अन्य पर दया.
...........ये समाज?समाजिकता?सामाजिकता के दंश

www.sahajmarg.org

कोई टिप्पणी नहीं: