शुक्रवार, 29 जून 2012

भविष्य कथांश : पाँच तत्वोँ के पूजक या प्रदूषक ?

बहुरुपिया बने दोनोँ एलियन एक भव्य विल्डिंग मेँ प्रवेश किए .जहाँ प्रांगण मेँ यज्ञ हो रहा था.

एक बोला -"चटपकुचटापच! हूँ ,ये यज्ञ कर रहे हैँ ?मूल हेतु व दर्शन खो चुके हैँ ये ? "

"पांच तत्वों की पूजा करने से क्या फयदा जब कि ये पांच तत्वोँ को दूषित करने मेँ लगते है ."
"ये सब तामसी प्रवृत्ति के ही हैँ क्योँ न ये मांस मदिरा व लहसुन प्याज का प्रयोग न करेँ ."
"यज्ञ का हेतु प्रकृति संरक्षण(अपना स्वास्थ्य भी) था लेकिन बेजान वस्तुओं के बीच उलझी सभ्यता व विकास प्रकृति का गलाघोटने पर ऊतारु हो जाता है ."

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