मंगलवार, 27 मई 2014

हर वक्त ध्यान रखेँ कि हम व जगत के दो ही अंश-प्रकृति व ब्रह्म...

सन 1947व2014का कलैण्डर एक ही है.सन1947से कांग्रेस का शासन शुरु हुआ अब
सन2014 से मोदी का शासन.उस वक्त भी एक नये यूग का प्रारम्भ हूआ था अब भी
एक नये युग का प्रारम्भ हूआ है.



इस नये हालात मेँ पहला विरोध व मतभेद तमिलनाडु व दुसरा विरोध व मतभेद
कश्मीर से उभरा है..अब भी लोग जनतंत्र के खिलाफ खड़े हैँ वे बातचीत व बहस
का सिलसिला शुरु नहीँ करना चाहते .दमन व हिंसा चाहते हैँ.



बातचीत व बहस या फिर दमन व हिंसा को चाहने से पहले परम ज्ञान को अवश्य
जाने.सार्वभौमिक ज्ञान को को अबश्य जानेँ.परम सत को अवश्य समझेँ.






हर वक्त ये अवश्य ध्यान रखेँ कि हम व जगत के दो ही अंश हैँ-प्रकृति अंश व
ब्रह्म अंश.

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संस्थापक <
manavatahitaysevasamiti,u.p.>

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