बुधवार, 24 अगस्त 2011

अन्ना के सैलाब की कुछ तश्बीरों संग !

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मेरें Nokia फ़ोन से भेजा गया

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From: Ashok kumar Verma Bindu <akvashokbindu@yahoo.in>
To: <akvashokbindu@gmail.com>
Date: मंगलवार, 23 अगस्त, 2011 12:35:13 अपराह्न GMT+0000
Subject: अन्ना के सैलाब की कुछ तश्बीरों संग !

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मेरें Nokia फ़ोन से भेजा गया

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From: Ashok kumar Verma Bindu <akvashokbindu@yahoo.in>
To: "go@blogger.com" <go@blogger.com>,"ajay.mv@oneindia.co.in" <ajay.mv@oneindia.co.in>
Date: सोमवार, 22 अगस्त, 2011 8:27:22 पूर्वाह्न GMT+0000
Subject: अन्ना के सैलाब की कुछ तश्बीरेँ!

वे थे आंसू प्रधानमंत्री की मौत उनके ही रक्षकों द्वारा ही देख


वे आंसू कह रहे थे
कौन है सुरक्षित इस देश मेँ?


आज फिर आंसू अन्ना का सैलाब देख कर


बचपन से सहते खामोशी चुपचाप
आज निकले आंसू बन कर..

सज रहे हैं प्रजातन्त्र के मेले,
जहां अरमान रावण को नहीं रावणत्व को मारने के.

सत्ता परिवर्तन के नहीं, व्यवस्था परिवर्तन के मेले


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