शुक्रवार, 10 अप्रैल 2015

[09/04 9:28 pm] ashok kumar verma: 🙏 सविनय निवेदित आग्रह-
      असहनीय संकट से मजबूर अन्नदाताओं व ऐसे ही तमाम  लोग निराश व विवश होकर आत्महत्त्या जैसा विचार तक मन में न लायें, क्यों कि यह न केवल कायरता है बल्कि इंसानियत  पर काला धब्बा है। यह न तो समाधान है और न ही बलिदान।
        धर्य रखें। असहनीय संकट की हर घणी में हम आपके साथ हैं। कृपया साहस व धर्य के साथ किसी भी समय फोन न. +919457281157 पर कॉल करें। साधन सम्पन्न न होते
[09/04 9:28 pm] ashok kumar verma: हुए भी हम अन्न का आखिरी दाना मिल बाँट कर खाते हुए आपके साथ संघर्ष करेंगे।

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