SAMAJIKATA KE DANSH !

(मानवता प्रकृति व सार्वभौमिक ज्ञान पर समाजिकता का दबाव व चोट!)

शनिवार, 4 अप्रैल 2026

सम्पादकीय ::पुस्तक "क्रांति क्यों? कैसे?"

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लेखक का विचार है कि सन 2011 ई0 से विश्व भर में 90 प्रतिशत मानव की हालत हमारे लिए विचारणीय है?क्यों, लेखक की हालत में क्या लेखक के इस विचार ...
गुरुवार, 8 जनवरी 2026

क्रांति : क्यों ?कैसे?पुस्तक से....

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हमारी 100+पुस्तकों में से एक पुस्तक - "क्रांति: क्यों?कैसे? का एक अध्याय से... लेखक :: अशोक कुमार वर्मा ' बिंदु ' पुस्तक :: क्...
बुधवार, 21 मई 2025

मेरी एक पुस्तक ' संगणकेश ..?! ' का एक अंश :: अशोकबिन्दु

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पुस्तक : संगणकेश ..?! लेखक :: अशोक कुमार वर्मा 'बिंदु' सीरिया से महिलाओं बच्चों की एक टोली हथियारों से सज्ज आगे पूर्व की ओर बढ़त...
मंगलवार, 7 मार्च 2023

हमारे ग्रन्थों में धर्म क्या?!#अशोकबिन्दु

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”परहित सरिस धर्म नहिं भाई । पर पीड़ा सम नहिं अघमाई।। सड़कों ,गलियों, सोशल मीडिया आदि में धर्म को बचाने की बात होती है।हमारे नजदीक जो ऐसे हैं ...

हमारे ग्रन्थों में ब्राह्मण कौन?क्षत्रिय कौन?#अशोकबिन्दु

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तुम अपने को ब्राह्मण,क्षत्रिय समझते हो ,हमें इससे मतलब नहीं है।वास्तव में तुम हमें लगते क्या हो?महसूस क्या होते हो यह महत्वपूर्ण है। फिर भी....
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ASHOK KUMAR VERMA 'BINDU'
कबीरा पुण्य सदन, नगरा रोड, कटरा, शाहजहांपुर, , रुहेलखण्ड क्षेत्र, उप्र,दक्षेस सरकार..., India
मैं सिर्फ आत्मा हूँ! आत्मा रूपी किरण जो निरंतर परम् आत्मा से सम्बद्ध है।सन्त परम्परा में ही हमें जीवन दिखता है।धर्म व्यक्ति का होता है भीड़ का नहीं। भीड़ से दूर रह कर आत्म केंद्रित होना भी जरूरी है।आत्मा ही परमआत्मा हो सकता है।हमारे अंदर भगवान होने की भी सम्भावनाएं छिपी है । चंद्रमा ,मंगल आदि पर तुम्हारा भगवान कुछ क्यों नहीं करता .? दरअसल भक्ति है, भक्ति में आत्मा ही परमात्मा है.... कस्तूरी मृग की तरह इधर उधर भटकने की जरूरत नहीं.... mera mun kahata hai- sub jagah GANDHIGIREE chha jaye. koyi aapas me jhhagare na. lekin abhi poori duniya sabhy nahi huyi hai.ese me main bachapan se jhhelata aaya hoon--dansh! दंश .....दंश.... सामाजिकता के दंश ! यानि कि प्रकृति,अध्यात्म,सार्वभौमिक ज्ञान ,आदि पर सामाजिकता की चोट ! वर्तमान सामजिकता का हमें कोई योगदान नहीं दिखता..... लेकिन मन और शरीर....??? BLOG:antaryahoo.blogspot.com :akvashokbindu.blogspot.com :ashokbindu.blogspot.com ओ3म -आमीन! ओम तत सत!सत साहिब!! ॐ तत सत वाहे गुरु जय खालसा महा गुरु.....
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